नई दिल्ली (NarendraSingh Danu): खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नाविकों, समुद्री हितों और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यह फैसला 10 जून को ओमान के सोहर तट के पास पालाउ ध्वज वाले तेल टैंकर ‘एमटी सेटेबेलो’ पर हुए मिसाइल हमले के बाद लिया गया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) होरमुज जलडमरूमध्य, ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, विदेशों में भारतीय मिशनों और शिपिंग कंपनियों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है।
समुद्री मार्गों पर बढ़ा खतरा
मंत्रालय ने माना कि हालिया घटनाओं से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा जोखिम बढ़ा है। सभी एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नाविकों और कंपनियों को एडवाइजरी
सरकार ने भारतीय नाविकों को संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों से गुजरते समय विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। जहाज संचालकों और प्रबंधन कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
हमले में तीन भारतीयों की मौत
मंत्रालय के अनुसार, ‘एमटी सेटेबेलो’ टैंकर पर 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 24 भारतीय थे। मिसाइल हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई, जबकि अन्य सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
शव लाने और वापसी की प्रक्रिया तेज
सरकार ने बताया कि मृतकों की पहचान कर ली गई है और उनके शवों को भारत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। साथ ही बचाए गए नाविकों की शीघ्र वापसी सुनिश्चित की जा रही है।
सोनोवाल ने जताया शोक
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और समुद्री हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
परिवारों को मिलेगी आर्थिक सहायता
सीफेयरर्स वेलफेयर फंड सोसायटी (एसडब्ल्यूएफएस) के तहत मृत नाविकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। सरकार प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और हरसंभव मदद सुनिश्चित कर रही है।