नई दिल्ली (Narendra Singh Danu): पूर्व अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा के निधन पर देशभर में शोक की लहर है। राष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और कई केंद्रीय मंत्रियों ने उनके निधन को भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति बताया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जसपाल राणा ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी और मेंटर के रूप में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि जसपाल राणा ने वर्षों तक अपनी निशानेबाजी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया। एशियन गेम्स 2006 में उनके तीन स्वर्ण पदक भारतीय खेल इतिहास का अहम हिस्सा रहेंगे।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने उन्हें एक उत्कृष्ट एथलीट और प्रेरणादायक कोच बताते हुए कहा कि उनकी विरासत लंबे समय तक खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जसपाल राणा न केवल बेहतरीन खिलाड़ी और कोच थे, बल्कि एक सरल और नेकदिल इंसान भी थे। भारत में शूटिंग को लोकप्रिय बनाने में उनका अहम योगदान रहा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि जसपाल राणा ने अपने करियर में कई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया।
वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। खिलाड़ी और कोच दोनों रूपों में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।