जगरांव: (चरणजीत सिंह चन्न) अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर स्थानीय पुलिस थाने के सामने उस समय माहौल गर्मा गया जब पिछले चार वर्षों से पुलिस अत्याचार के खिलाफ धरने पर बैठे पीड़ितों और विभिन्न जन-संगठनों ने रोष-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह के माध्यम से एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता को एक "मांग पत्र" सौंपा।
दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग: प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कीर्ति किसान यूनियन के क्षेत्र अध्यक्ष गुरचरण सिंह रसूलपुर, देहाती मजदूर सभा के सचिव निर्मल सिंह धालीवाल और अन्य नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज का दिन दुनिया भर में मजदूरों के अधिकारों और शिकागो के शहीदों की याद में मनाया जाता है। लेकिन विडंबना यह है कि वर्तमान सरकारें किसानों, मजदूरों और गरीबों को न्याय देने में पूरी तरह विफल रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन थाना प्रभारी गुरिंदर सिंह बल और एएसआई राजवीर सिंह ने शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए गांव रसूलपुर के दो परिवारों पर अमानवीय अत्याचार किए। पीड़ित परिवारों को अवैध हिरासत में रखा गया, उन्हें यातनाएं दी गईं और जातिगत साजिश के तहत झूठे मुकदमों में फंसाया गया। पीड़ितों ने बताया कि पुलिसिया बर्बरता के दौरान युवती कुलवंत कौर को बिजली के झटके दिए गए और मनप्रीत कौर का यौन शोषण किया गया।
कमीशन के आदेशों के बावजूद न्याय से वंचित: मानवाधिकार संगठन के अध्यक्ष सतनाम सिंह धालीवाल और मामले के मुख्य शिकायतकर्ता इकबाल सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (नई दिल्ली) के स्पष्ट आदेशों और डीजीपी (HR) की जांच के बाद दोषियों पर मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया, लेकिन उन्हें अभी तक सजा नहीं मिली है।
नेताओं ने कहा कि "स्पेशल कोर्ट" के सख्त रुख के बाद अब प्रशासन की नींद तो टूटी है, लेकिन पुलिस और सिविल अधिकारियों का पक्षपाती रवैया अभी भी बरकरार है, जो बेहद निंदनीय है।
जारी रहेगा संघर्ष: प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों को जेल नहीं भेजा जाता और पीड़ितों को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक यह धरना और संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। अदालत द्वारा पूर्व में की गई कुछ पुलिस कार्रवाइयों को रद्द करने से पीड़ितों में न्याय की उम्मीद जरूर जगी है।
इस मौके पर जसप्रीत सिंह ढोलण (सत्कार कमेटी), भरपूर सिंह छज्जावाल (मजदूर संघर्ष कमेटी), मलकीत सिंह रूमी (पूर्व चेयरमैन), सुरिंदर कौर रसूलपुर, कमलजीत कौर, पूर्व सरपंच बलविंदर सिंह और जत्थेदार बुद्ध सिंह रतन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मुद्दा: 4 साल से लंबित पुलिस अत्याचार का मामला।
मुख्य आरोपी: तत्कालीन SHO गुरिंदर सिंह बल और ASI राजवीर सिंह।
आरोप: अवैध हिरासत, बिजली के झटके देना, यौन शोषण और फर्जी दस्तावेज बनाना।
मांग: दोषियों को तत्काल सजा और पीड़ितों को पूर्ण न्याय।