"पंजाब रोडवेज कर्मचारियों की चेतावनी, मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन तेज"

जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न): मजदूर दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी (PRTC) कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने पूरे पंजाब में सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। जगरांव डिपो समेत राज्य के सभी डिपो के गेटों पर यूनियन का झंडा फहराया गया और गेट रैलियां आयोजित की गई। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी और तानाशाही का आरोप लगाया।

​मुख्य मांगे और विरोध के कारण: ​यूनियन के प्रांतीय संयुक्त सचिव जलौर सिंह गिल ने रैलियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज मजदूर दिवस उन शहीदों की याद दिलाता है जिन्होंने 8 घंटे काम का हक दिलाया था, लेकिन आज की सरकारें वही हक छीनने पर उतारू हैं।

साथियों की रिहाई:कर्मचारियों ने मांग की है कि संगरूर जेल में पिछले 5 महीनों से बंद उनके साथियों को तुरंत रिहा किया जाए। उन पर धारा 307 के तहत फर्जी मामले दर्ज किए गए हैं।

किलोमीटर स्कीम का विरोध: यूनियन का आरोप है कि सरकार सरकारी बसें खरीदने के बजाय 'किलोमीटर स्कीम' के तहत निजी बसें चलाकर खजाने को करोड़ों का चूना लगा रही है।

संसाधनों की कमी: राज्य में लगभग 200 सरकारी बसें टायर और स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण डिपो में खड़ी हैं, जबकि प्राइवेट ऑपरेटरों को फायदा पहुँचाया जा रहा है।

वेतन और बकाया: फ्री सफर सुविधा की 1200-1300 करोड़ रुपये की बकाया राशि न मिलने के कारण कर्मचारियों को वेतन और मशीनों की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

​आंदोलन का शेड्यूल: कब क्या होगा? ​यूनियन के सचिव हरमिंदर सिंह सिद्धू और डिपो अध्यक्ष सोहन सिंह ने संघर्ष की रूपरेखा जारी करते हुए सरकार को चेतावनी दी है:तारीख
प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन
10 मई
परिवहन मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में विशाल रोष रैली।
18 मई
एक दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल और सभी विधायकों के घरों का घेराव।
25, 26, 27 मई
तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल और मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना।
"यदि सरकार ने जल्द ही मांगों का समाधान नहीं किया, तो यह आंदोलन 'अनिश्चितकालीन हड़ताल' में बदल दिया जाएगा और बसों व बस स्टैंडों पर सरकार की जनविरोधी नीतियों का भारी प्रचार किया जाएगा।"-यूनियन नेतृत्व

​इस अवसर पर प्रेस सचिव बूटा सिंह, चेयरमैन जसपाल सिंह, राज खान और अन्य साथियों ने 1 मई के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और एकजुटता का संकल्प लिया।