सोनीपत: सोनीपत में होने वाले नगर निगम चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इनमें आचार संहिता का सख्ती से पालन, प्रचार सामग्री पर निगरानी और सार्वजनिक स्थानों के दुरुपयोग पर रोक शामिल है।
उपायुक्त नेहा सिंह ने सोमवार को बताया कि रेंडमाइजेशन चुनाव प्रक्रिया का अहम चरण है, जिससे किसी प्रकार के पक्षपात या पूर्व नियोजन की सम्भावना समाप्त हो जाती है। पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई और हर चरण का विधिवत दस्तावेजीकरण सुनिश्चित किया गया।
उपायुक्त ने राजनीतिक दलों से आदर्श आचार संहिता का पालन करने और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इस दौरान चुनाव प्रेक्षक डॉ पंकज, आरओ सुभाष चन्द्र, एआरओ सुरेन्द्र सिंह, एसडीएम खरखौदा अमित कुमार और जिला सूचना अधिकारी विशाल कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रिन्टिंग प्रेस संचालकों को निर्देश जारी किए गए हैं। चुनावी प्रचार सामग्री जैसे पम्पलेट, पोस्टर और बैनर छापते समय हर सामग्री पर प्रिन्टिंग प्रेस का नाम, पूरा पता और कुल छपी प्रतियों की संख्या अंकित करना अनिवार्य होगा। साथ ही सामग्री छापने से पहले प्रकाशन कराने वाले व्यक्ति या संस्था से आवश्यक घोषणा-पत्र लेना जरूरी होगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रेस के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सोनीपत नगर निगम क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू कर दी गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक हथियारों के लाने ले जाने तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी। लाइसेंसी हथियार, तलवार, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, गंडासा और चाकू समेत सभी वस्तुएं प्रतिबंधित रहेंगी। धार्मिक प्रतीक के रूप में म्यान में धारण की जाने वाली कृपाण को छूट दी गई है, जबकि ड्यूटी पर तैनात पुलिस और अधिकृत लोक सेवक इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।
प्रशासन ने आमजन से शांति बनाए रखने और चुनाव सम्पन्न कराने में सहयोग की अपील की है। उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।