फरीदाबाद: फरीदाबाद में पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने नगर निगम के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
स्थानीय निवासियों ने मटका फोड़ प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई और जल संकट के समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अपना विरोध दर्ज कराने के लिए प्रदर्शनकारियों ने बीच सडक़ पर मटके फोड़े और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थानीय निवासी बलबीर, सोनम, महेश्वरी और दीपक ने बताया कि इलाके में पिछले एक महीने से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। आलम यह है कि कई बार पूरे दिन पानी नहीं आता और जब आता भी है, तो उसकी अवधि इतनी कम होती है कि घर की बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पातीं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने नगर निगम, स्थानीय विधायक और पार्षद को कई बार लिखित शिकायतें दीं, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने इस समस्या का संज्ञान नहीं लिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जीत हासिल करने के बाद कोई भी सुध लेने नहीं आता। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन का व्यवहार ऐसा है मानो इस क्षेत्र के लोगों ने कभी मतदान ही न किया हो। इलाके के लोगों ने बताया कि वे केवल पानी ही नहीं, बल्कि बिजली की समस्या से भी जूझ रहे हैं। बार-बार शिकायत करने पर अधिकारियों द्वारा सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
निवासियों ने यह भी बताया कि उन्होंने इलाके में नया ट्यूबवेल लगवाने की मांग की थी, जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विरोध प्रदर्शन के चलते सडक़ पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोग इस बात पर अड़े थे कि जब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर ठोस आश्वासन नहीं देता, वे सडक़ से नहीं हटेंगे। स्थिति को बिगड़ता देख नगर निगम के ओल्ड फरीदाबाद जोन के जेई महेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। जेई महेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से रैनीवेल की लाइनों की मरम्मत का काम चल रहा है। इसके कारण पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है।
फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पानी भिजवाया जा रहा है। मरम्मत का काम जल्द पूरा होते ही सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। जेई के ठोस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला और स्थिति सामान्य हुई। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।