"मेयर सौरभ जोशी का विजन, चंडीगढ़ और मुंबई के बीच नई भागीदारी का प्रस्ताव"

चंडीगढ़: चंडीगढ़। शहर के समग्र और सतत विकास को गति देने के लिए नगर निगम चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने मुंबई के साथ अहम सहयोग की पहल की है। इस सिलसिले में उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का दौरा किया और मुंबई की मेयर रीतु तावड़े व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान एमसी के चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा भी उनके साथ मौजूद रहे।

एलिवेटेड वॉकवे और नेचर ट्रेल पर फोकस: बैठक में शहर में एलिवेटेड वॉकवे और नेचर ट्रेल विकसित करने के प्रस्ताव पर विशेष जोर दिया गया। योजना के तहत पार्कों, ग्रीन बेल्ट और चुनिंदा शहरी क्षेत्रों में ऊंचे पैदल मार्ग बनाए जा सकते हैं, जिससे लोग हरियाली का अलग अनुभव ले सकें और जमीन पर मौजूद वनस्पति को भी सुरक्षित रखा जा सके।यह पहल सुरक्षित पैदल आवागमन, पर्यावरण-अनुकूल मनोरंजन, ग्रीन स्पेस तक बेहतर पहुंच और जलवायु के अनुकूल शहरी विकास को बढ़ावा देगी।

छात्रों के लिए हेल्पलाइन की पहल: मेयर जोशी ने मुंबई में रह रहे चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश सहित उत्तरी राज्यों के छात्रों के लिए एक विशेष स्टूडेंट सपोर्ट हेल्पलाइन/फैसिलिटेशन डेस्क स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा।इस हेल्पलाइन के जरिए छात्रों को नागरिक सेवाओं, परिवहन, सुरक्षा, आवास, शिक्षा नेटवर्क और स्थानीय समुदाय से जुड़ने में मदद मिलेगी, जिससे वे नए शहर में आसानी से खुद को ढाल सकेंगे।

नॉलेज शेयरिंग और एक्सचेंज प्रोग्राम: इस बैठक का एक अहम परिणाम दोनों नगर निकायों के बीच “इंटर-कॉरपोरेशन प्रोफेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम” का प्रस्ताव रहा। इसके तहत दोनों शहरों के अधिकारी और विशेषज्ञ एक-दूसरे से सीखने के लिए तकनीकी विजिट, संयुक्त कार्यशालाएं और अनुभव साझा करेंगे।

यह कार्यक्रम शहरी बुनियादी ढांचे, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज सिस्टम, ठोस कचरा प्रबंधन, पब्लिक हेल्थ, ई-गवर्नेंस और पीपीपी मॉडल जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगा।

बीएमसी के प्रेजेंटेशन में दिखे आधुनिक समाधान: बैठक के दौरान बीएमसी अधिकारियों ने वैज्ञानिक रोड रीकार्पेटिंग, उन्नत स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइटिंग के मानकीकृत लक्स स्तर और SCADA आधारित जल आपूर्ति प्रणाली जैसे आधुनिक प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।

मेयर सौरभ जोशी ने बीएमसी की इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि एलिवेटेड वॉकवे, छात्र सहायता प्रणाली और संस्थागत सहयोग से चंडीगढ़ में शहरी जीवन स्तर और सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा।