चंडीगढ़ (अजीत झा): मनीमाजरा के कलाग्राम इलाके में मिले सिक्योरिटी गार्ड के सनसनीखेज ‘ब्लाइंड मर्डर’ केस को चंडीगढ़ पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सुलझाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल किए गए अहम सबूत भी बरामद किए हैं।
यह मामला 2 मई को थाना मनीमाजरा में एफआईआर नंबर 48 के तहत दर्ज किया गया था। उसी दिन सुबह करीब 9:48 बजे पुलिस को सूचना मिली कि कलाग्राम लाइट प्वाइंट के पास पेट्रोल पंप के नजदीक एक व्यक्ति का खून से सना शव पड़ा है। मृतक की पहचान मनीमाजरा स्थित पीडब्ल्यूडी स्टोर में कार्यरत सिक्योरिटी गार्ड के रूप में हुई।
बहुस्तरीय जांच से टूटी ‘ब्लाइंड मर्डर’ की गुत्थी: मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तुरंत कई टीमें गठित की गईं। केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने मौके का निरीक्षण कर अहम सुराग जुटाए।
पुलिस ने एक साथ कई स्तरों पर जांच शुरू की सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच ,तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण ,स्थानीय मुखबिर तंत्र की सक्रियता,मृतक के सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत संबंधों की पड़ताल |
जंगल क्षेत्र के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स, पेट्रोल पंप और आसपास के सभी कैमरों को खंगाला गया। साथ ही झुग्गियों में रहने वाले लोगों से गहन पूछताछ की गई।
मोबाइल चोरी के शक ने ली जान: जांच में सामने आया कि पीडब्ल्यूडी स्टोर के पास झुग्गियों में रहने वाले कुछ मजदूरों का मोबाइल फोन 8-10 दिन पहले चोरी हो गया था। उन्हें शक था कि यह चोरी सिक्योरिटी गार्ड ने की है।
2 मई की रात करीब 10:30 बजे आरोपियों ने शराब के नशे में गार्ड का सामना किया। पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही हिंसक झगड़े में बदल गई। गुस्से में आकर आरोपियों ने गार्ड के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसकी ही बेल्ट से गला घोंटकर हत्या कर दी।
वारदात के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश करते हुए शव को घसीटकर जंगल में फेंक दिया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने 3 मई को कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों 47 वर्षीय मुन्ना रजक
,27 वर्षीय शनि देव कुमार, धनिक कुमार साह को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी बिहार के मधेपुरा जिले के निवासी हैं और चंडीगढ़ में मजदूरी का काम करते थे।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए हैं मृतक का मोबाइल फोन ,वारदात में इस्तेमाल की गई लकड़ी की छड़ी ,खून से सने कपड़े |
14 दिन की न्यायिक हिरासत: गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
SHO का बयान: मनीमाजरा थाना प्रभारी मनिंदर सिंह ने बताया यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड था और शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं था। हमारी टीमों ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से हर पहलू की गहन जांच की। उसी का परिणाम है कि 48 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर केस सुलझा लिया गया।
इस कार्रवाई के साथ चंडीगढ़ पुलिस ने एक बार फिर अपनी पेशेवर जांच क्षमता और तत्परता का प्रदर्शन किया है।