जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न): पंजाब सरकार द्वारा जाति आधारित जनगणना के लिए तैयार किए गए प्रोफार्मा (परफार्मे) में कथित तौर पर अपमानजनक शब्दावली के इस्तेमाल ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस मुद्दे को लेकर वाल्मीकि और मजहबी सिख समुदाय में गहरा रोष व्याप्त है। सोमवार को जगरांव में पंजाब सरकार के विरुद्ध जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
प्रमुख घटनाक्रम और विरोध प्रदर्शन:-सेंट्रल वाल्मीकि सभा इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष गेजा राम वाल्मीकि के नेतृत्व में भारी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। इस रोष प्रदर्शन में सफाई सेवक यूनियन जगरांव और शहर के विभिन्न गणमान्य नेताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस कृत्य को संवैधानिक मूल्यों का अपमान बताया।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें: दोषियों पर एफआईआर: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जिस अधिकारी या कमेटी ने इस अपमानजनक प्रोफार्मे को तैयार किया है, उनके खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत तुरंत कानूनी मामला दर्ज किया जाए।
शब्दावली में सुधार: मांग पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया कि जनगणना फॉर्म से सभी आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्द तुरंत हटाकर सम्मानजनक शब्दावली का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
संवैधानिक मर्यादा का सम्मान: समुदाय के नेताओं ने कहा कि जनगणना जैसे संवेदनशील कार्य में ऐसी भाषा का प्रयोग करना भाईचारे की गरिमा को ठेस पहुँचाना है।
"यह लड़ाई केवल एक समुदाय की नहीं, बल्कि समाज में बराबरी, आत्मसम्मान और हमारे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की है। यदि सरकार ने तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो इस संघर्ष को पूरे राज्य में और भी तेज किया जाएगा।"-गेजा राम वाल्मीकि (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सेंट्रल वाल्मीकि सभा इंडिया)
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन:
रोष प्रदर्शन के पश्चात, प्रदर्शनकारियों ने उप मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) जगरांव, उपेंद्रजीत कौर बराड़ के माध्यम से पंजाब सरकार को एक मांग पत्र भेजा। SDM ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख व्यक्तित्व: इस मौके पर पूर्व नगर कौंसिल अध्यक्ष सतीश कुमार पप्पू, पूर्व पार्षद रमेश कुमार सहोता, कांग्रेस नेता राजेश इंदर सिद्धू, अमित कल्याण (शहरी अध्यक्ष), परमजीत सिंह रिम्पी लद्धड़, सेवानिवृत्त प्रिंसिपल कुलवंत सिंह सहोता, राजिंदर सिंह काऊंके, बलविंदर कल्याण, सतीश कुमार बग्गा, सोनी सहोता और सुखदीप नाहर सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और सीवरमैन उपस्थित थे।