चंडीगढ़: महर्षि दयानंद पब्लिक स्कूल, दरिया में फायर सेफ्टी वीक 2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को आग से सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर फायर स्टेशन इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 के लीडिंग फायरमैन राजकुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
राजकुमार ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को समझाया कि यदि आग का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह मानव जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी और फ्रेंडली साबित होती है, लेकिन इसका विकराल रूप बेहद खतरनाक होता है। इसलिए आग के प्रयोग के दौरान हमेशा सतर्कता और सावधानी बरतना अनिवार्य है। उन्होंने आग लगने के मुख्य तीन कारणों—हीट (ऊष्मा), ऑक्सीजन और ज्वलनशील पदार्थ जैसे लकड़ी व प्लास्टिक—के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रिक फायर अक्सर शॉर्ट सर्किट या ओवरलोडिंग के कारण होती है। इससे बचने के लिए बिजली के तारों को जोड़ते समय उचित इंसुलेशन और टेप का प्रयोग करना बेहद जरूरी है।
गैस से होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि गैस पाइप और रेगुलेटर की नियमित जांच करनी चाहिए तथा समय-समय पर पाइप को बदलना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अध्यापकों को अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) को सही तरीके से चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे वे आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी रूप से प्रतिक्रिया दे सकें। इस कार्यक्रम में फायरमैन मुकेश कुमार भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में स्कूल की वाइस प्रिंसिपल अंजू मोदगिल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें स्कूल का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूल के टीचर्स भी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में फायर सेफ्टी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्हें जीवन में सतर्क रहने का संदेश दिया।