पंचकूला: पंचकूला पुलिस ने अपनी मुस्तैदी, तकनीकी दक्षता और सतत प्रयासों के दम पर एक ब्लाइंड मर्डर केस का सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए महज कुछ ही दिनों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रायपुररानी क्षेत्र में दिनांक 28/29 अप्रैल 2026 की रात गांव खेतपराली पुल के नीचे एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। शव के पास किसी प्रकार का मोबाइल फोन या पहचान पत्र नहीं मिला था, जिससे यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर के रूप में सामने आया। पुलिस ने तत्काल मौके को सुरक्षित करते हुए सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाया और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्रित किए। शव को पहचान के लिए नागरिक अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला के शवगृह में रखवाया गया तथा आसपास के क्षेत्रों, बस अड्डों और सोशल मीडिया के माध्यम से मृतक की पहचान के लिए व्यापक प्रयास किए गए।
जांच के दौरान मृतक की पहचान हरिंदर सिंह, उम्र 32 वर्ष, निवासी गांव तिड़ा, जिला मोहाली, पंजाब के रूप में हुई, जो पहले रैपिडो चालक के रूप में कार्य करता था। मृतक की पहचान उसके भाई सतिंदर सिंह द्वारा की गई। शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर थाना रायपुररानी में धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज व क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 के इंचार्ज दलीप सिंह के नेतृत्व में 5 विशेष टीमों का गठन किया गया।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने आगे बताया कि ब्लाइंड मर्डर होने के कारण जांच में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन हमारी टीम ने अथक प्रयास करते हुए 120 घंटे चले ऑपरेशन में 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों व गुप्त सूचना के आधार पर 3 मई 2026 को दो आरोपियों संगम कुमार, उम्र 23 वर्ष और विजय कुमार उर्फ दीनानाथ, उम्र 35 वर्ष, दोनों निवासी मोहाली, को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
जांच में यह भी सामने आया कि मृतक और आरोपी आपस में दोस्त थे तथा तीनों नशे के आदी थे। ये पहले बद्दी (हिमाचल प्रदेश) के एक नशा मुक्ति केंद्र में साथ रहे थे, जहां से 11 अप्रैल को छुट्टी मिलने के बाद ये फिर संपर्क में आए और नशे का सेवन करने लगे। 28 अप्रैल को नया गांव में तीनों ने मिलकर नशा किया, जिसके दौरान आपसी कहासुनी हो गई। मृतक हरिंदर सिंह को ओवरडोज देने के कारण वह बेसुध हो गया। जिसके बाद उसके निजी अंगों पर भी चोट पहुंचाई। इसके बाद वे उसे स्विफ्ट डिजायर कार में डालकर खेतपराली पुल के पास ले गए और करीब 120 फीट की ऊंचाई से नीचे फेंक दिया, ताकि उसकी मृत्यु सुनिश्चित हो सके।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है, जिसमें खून के निशान पाए गए हैं। इसके अलावा खून से सने कपड़े, अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य तथा वह स्थान भी बरामद किया गया जहां आरोपियों ने मृतक की पगड़ी और जूते फेंके थे। आरोपियों को 4 मई को अदालत में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया, जिसके दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए। आज दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
पंचकूला पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज का बयान: यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड था, लेकिन हमारी टीमों ने अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से कार्य करते हुए सीमित सुरागों को मजबूत साक्ष्यों में बदला। 400 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, तकनीकी इनपुट से इस केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। पंचकूला पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी अपराध को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, हम समाज से भी अपील करते हैं कि नशे जैसी बुराई से दूर रहें, क्योंकि यह न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे समाज के लिए घातक साबित हो सकती है।