डेराबस्सी : बरसाती मौसम में बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन और राहत एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में डेराबस्सी से गुजरते घग्गर दरिया में एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस विभाग की ओर से संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें बाढ़ जैसी परिस्थितियां तैयार कर पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान रेस्क्यू टीमों ने नाव, लाइफ जैकेट, रस्सियों और अन्य बचाव उपकरणों की मदद से घग्गर के पानी में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थान तक लाने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। टीमों ने यह भी दिखाया कि तेज बहाव और अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किस तरह कम समय में राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा सकता है।
रेस्क्यू टीमों ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि बाढ़ या तेज पानी की स्थिति में घबराने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए। तेज बहाव वाले पानी में जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव टीमों से संपर्क करना चाहिए।
अधिकारियों के अनुसार मॉक ड्रिल का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत टीमों की तैयारियों, आपसी तालमेल और तत्काल कार्रवाई की क्षमता को परखना था। घग्गर के आसपास के क्षेत्रों में बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ने से खतरा बना रहता है। ऐसे में इस तरह की मॉक ड्रिल रेस्क्यू टीमों को तैयार रखने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी आपदा के समय अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रिया के प्रति जागरूक करती है।
फोटो कैप्शन: घग्गर दरिया में मॉक ड्रिल के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास करती एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम।