"कचरा निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती, एमसी कमिश्नर ने दिए निर्देश"

चंडीगढ़: वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को लेकर नगर निगम चंडीगढ़ ने सख्त रुख अपनाते हुए डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। एमसी कमिश्नर अमित कुमार ने मंगलवार को साइट का व्यापक निरीक्षण कर अधिकारियों को लेगेसी वेस्ट की बायो-माइनिंग और निस्तारण कार्य को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उनके साथ मुख्य अभियंता संजय अरोड़ा, स्वच्छता प्रबंधन के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। कमिश्नर ने चल रहे कार्यों की समीक्षा की, प्रोसेसिंग क्षमता का आकलन किया और फील्ड स्टाफ से बातचीत भी की।

आसपास के निवासियों पर पड़ रहे पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इंजीनियरिंग विंग को मिशन मोड में काम करने, 24 घंटे संचालन, मशीनरी बढ़ाने और पर्याप्त मैनपावर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।

कमिश्नर ने स्वच्छता प्रबंधन अधिकारियों को रोजाना प्रगति की निगरानी, नियमित रिपोर्टिंग और वैज्ञानिक व पर्यावरण मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

वहीं, मुख्य अभियंता द्वारा ड्राई वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं। जांच के दौरान पाया गया कि वेटब्रिज रिकॉर्ड निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं रखे जा रहे थे, जिससे कचरे की एंट्री को लेकर जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।

इसके अलावा कपड़े और अन्य सूखे कचरे का बड़ा ढेर जमा मिला, जो प्रोसेसिंग की धीमी गति को दर्शाता है। आरडीएफ परीक्षण और इनर्ट मटेरियल से संबंधित रिकॉर्ड भी अधूरे पाए गए, जो नियमों का उल्लंघन है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को अनुबंध की शर्तों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और संबंधित एजेंसी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं।

कमिश्नर अमित कुमार ने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही खराब प्रबंधन को दर्शाती है और इसमें तुरंत सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।