मोहाली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की और से तीन महीने पहले मोहाली में की कार्रवाई के मामले में जांच तेज कर दी है। इस जांच में एक आप नेताओं के करीबी का भी जिक्र सामने आया है। जिस पर ईडी एक्शन लेने की तैयारी में है। इस संबंधी ईडी की और से डीजीपी पंजाब गौरव यादव को एक पत्र लिखा गया है। जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेताओं के कथित करीबी एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि उक्त करीबी भी आप नेता है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि उक्त व्यक्ति सरकारी अधिकारियों के तबादलों और तैनातियों को प्रभावित करने वाले नेटवर्क को चला रहा था। इसके अलावा वह नीतिगत फैसलों को प्रभावित करने, संदिग्ध जमीन सौदों और हथियार लाइसेंस की मंजूरी में भी कथित रूप से शामिल था।
इसके अलावा डीजीपी से कई डिटेल भी मांगी गई है। ईडी के इस पत्र के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल पैदा हो चुकी है। इस मामले में अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा एक पोस्ट शेयर की गई है। जिसमें उन्होंने इस मामले के मुख्य व्यक्ति आप नेता को सीएम भगवंत मान का खास बताया है। ईडी ने डीजीपी से मामला दर्ज करने को कहा है और सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों का हवाला दिया है, जिनके तहत संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। अब देखना होगा कि इस मामले में डीजीपी द्वारा क्या एक्शन लिया जाता है।
पमला एक्ट के तहत हुई थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार ईडी की और से 7 से 10 मई के बीच मोहाली के खरड़ में वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में आईटी सेक्टर में काम करने वाले कारोबारी के घर रेड की गई। इस दौरान 21 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई थी। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई थी। यह मामला एक हाउसिंग सोसायटी में कथित तौर पर किए हेरफेर से जुड़ा है।
आईपीएस, आईएएस और पीसीएस के तबादलों के मिले सबूत
चर्चा है कि ईडी के पत्र से कई बड़े खुलासे हुए हैं। पत्र के मुताबिक, मोहाली में रेड के बाद गिरफ्तार आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से काफी डाटा बरामद हुआ है। उसकी व्हाट्सऐप चैट में आईएएस, आईपीएस, पीसीएस और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती और पोस्टिंग करने के सुराग मिले है। उसकी और से आप नेताओं के साथ मिलकर यह नियुक्तियां और तबादले किए गए हैं। ईडी ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच हुई 20 से अधिक ट्रांसफर का जिक्र किया है। विभाग द्वारा डीजीपी से ट्रांसफर और नियुक्तियां किसके कहने पर की गई, इसकी डिटेल भी मांगी गई है।
टेंडरों, पोस्टिंग और असलह लाइसेंस में निभाई भूमिका
ईडी ने उक्त आप नेताओं के करीबी पर टेंडर की शर्तों, असलह लाइसेंस जारी कराने और जमीन के लेन-देन में भी कथित हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। इनमें मोहाली की एक जमीन को सरकारी रिकॉर्ड में कम कीमत पर दर्शाने का मामला भी शामिल है। चैट में कथित तौर पर लाखों रुपये के नकद भुगतान और हवाला लेन-देन के भी सुराग मिले हैं। एजेंसी ने कहा कि पूरे मामले की ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत जांच करने को कहा है।
बिना किसी पद के सरकारी काम में कैसे हुआ हस्ताक्षेप
वहीं बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा फेसबुक पर एक पोस्ट डाली गई है। जिसमें उन्होंने सीएम मान के खास का नाम लिया है। उनका कहना है कि आखिर इस व्यक्ति के पास कोई पद नहीं है, जिसके बावजूद कैसे वे सरकारी काम में हस्ताक्षेप करता रहा। आखिर उसे इतनी पावर किसने दी। उन्होंने कहा कि ईडी को चैट के अलावा कई और भी अहम सबूत मिले हैं।