"मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों का आंदोलन तेज, शहर में बढ़ी गंदगी"

जीरकपुर: नगर काउंसिल के अधीन कार्यरत कच्चे कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब शहर की व्यवस्था पर साफ नजर आने लगा है। हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थिति यह है कि न केवल सफाई कार्य ठप पड़ा है, बल्कि नगर परिषद के अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। अधिकारियों को पानी पिलाने वाले कर्मचारी और सरकारी वाहनों के लिए ड्राइवर तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे दफ्तरों का कामकाज भी बाधित हो गया है।

कर्मचारी यूनियन के प्रधान परदीप सूद ने बताया कि पंजाब में सरकार बनने के समय कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। हड़ताल जारी रहने पर शहर में कूड़ा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है, जिससे गंदगी और संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।

गौरतलब है कि यह आंदोलन केवल जीरकपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में कच्चे कर्मचारी एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

कर्मचारियों ने यह भी बताया कि इस संबंध में डेराबस्सी हल्का विधायक कुलजीत सिंह रंधावा को पहले ही पत्र लिखकर सूचना दी जा चुकी है। उन्होंने साफ किया कि यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकाला गया तो हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी और कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेंगे।