चंडीगढ़ (अजीत झा,): चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ पुलिस ने अब आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। शहर में बढ़ते नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए बुधवार को मौलीजागरां थाना पुलिस ने बड़े स्तर पर फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और नशा तस्करों को खुली चेतावनी दी गई कि या तो वे नशे का धंधा बंद कर दें या फिर इलाका छोड़ दें।
फ्लैग मार्च का नेतृत्व थाना प्रभारी जसकरण सिंह ने किया। इस दौरान पुलिस की विभिन्न टीमें, जवान और अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस ने मौलीजागरां के सेंसी मोहल्ला, विकास नगर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जगह-जगह लोगों से बातचीत कर उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक भी किया गया।
थाना प्रभारी जसकरण सिंह ने बताया कि डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा के निर्देशों पर पूरे क्षेत्र में लगातार नाकाबंदी, चेकिंग और सर्च अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का मकसद साफ है कि किसी भी हालत में नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों को इलाके में पनपने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि पुलिस को लगातार नशा तस्करी की सूचनाएं मिल रही हैं और अब ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा “जो लोग युवाओं को नशे की दलदल में धकेल रहे हैं, उनके खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। अगर कोई व्यक्ति नशा बेचते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।”
फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की कि यदि इलाके में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
चंडीगढ़ पुलिस के इस सख्त रुख के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ ऐसे अभियान लगातार चलने चाहिए ताकि युवाओं को बचाया जा सके और इलाके में शांति व सुरक्षा बनी रहे।