"कुलपति ने एनसीसी और एनएसएस वालंटियर्स को सराहा व सम्मानित किया"

नई दिल्ली: नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति ने एनसीसी (NCC) और एनएसएस (NSS) के स्वयंसेवकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिन्होंने सामाजिक सेवा, अनुशासन, स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर और आपदा प्रबंधन जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई है।

इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि जब दिल्ली विश्वविद्यालय साहित्य महोत्सव को डिजाइन किया तो यह बिल्कुल नया था। लेकिन वह अपने आप में एक सफल आयोजन साबित हुआ और डीयूएलएफ की उस सक्सेस स्टोरी में आप सबका बहुत बड़ा योगदान है। कुलपति ने विद्यार्थियों से कहा कि आप थे तो हम निश्चिंत थे।

प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि एनसीसी और एनएसएस का संयोजन बहुत अच्छा रहा और सबने मिलकर अच्छे से कम किया। कुलपति ने कहा कि एनसीसी और एनएसएस मनों को मजबूत बनाने का काम करते हैं। ये दोनों संगठन सेवा, करुणा और समर्पण का भाव पैदा करते हैं। इससे नेतृत्व की क्षमता का विकास होता है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल राजनीति तक ही सीमित नहीं होता, जब कोई गिरता है और उसे उठाने के लिए जो हाथ बढ़ता है वह नेतृत्व का हाथ होता है। कुलपति ने कहा कि बच्चों में नेतृत्व और देशभक्ति का भाव जरूरी है, इसकी देश को बहुत आवश्यकता है।


इस अवसर पर डीयू लिट फेस्ट में एनसीसी और एनएसएस के योगदान पर एक बुकलेट का विमोचन भी किया गया।

कुलपति ने फेस्ट रजिस्ट्रेशन कमेटी मेंबरों और कॉर्डिनेटरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी और रजिस्ट्रार डॉक्टर विकास गुप्ता सहित अनेकों शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।