जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न): पंजाब के सफाई सेवकों और म्युनिसिपल कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर शुरू किया गया संघर्ष अब आर-पार की जंग में तब्दील होता जा रहा है। 6 मई से जारी यह अनिश्चितकालीन धरना आज चौथे दिन में प्रवेश कर गया है, लेकिन सरकार की बेरुखी ने आंदोलनकारियों के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।
सरकार की चुप्पी 'बड़ा धोखा': सचिव राजिंदर कुमार
सफाई सेवक यूनियन और म्युनिसिपल एक्शन कमेटी (पंजाब) के सचिव राजिंदर कुमार ने दोटूक शब्दों में कहा कि सरकार की खामोशी सफाई कर्मियों के साथ एक बड़ा विश्वासघात है।
उन्होंने चेतावनी दी कि: चार दिन बीत जाने के बाद भी किसी मंत्री या उच्च अधिकारी ने सुध नहीं ली है।
न तो कोई आधिकारिक बयान आया है और न ही वार्ता के लिए समय दिया गया है।
यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संघर्ष सड़कों पर तांडव करेगा और आंदोलन को और अधिक उग्र बनाया जाएगा।
धरने में कला और जज़्बात का संगम:
नगर परिषद जगरांव में चल रहे इस धरने में केवल नारे ही नहीं, बल्कि कला के माध्यम से भी विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
कलात्मक विरोध: पंजाबी रंगमंच के प्रसिद्ध कलाकार प्रेम हठूर ने अपनी प्रस्तुति से कर्मचारियों में नया जोश भर दिया।
भावुक क्षण: राष्ट्रीय कलाकार संतोष राम गिल ने माँ को समर्पित गीत गाकर धरने पर बैठी महिलाओं की आँखों को नम कर दिया और संघर्ष की भावना को और मज़बूत किया।
समाज का समर्थन: प्रसिद्ध समाजसेवी परमजीत सिंह रिम्पी लद्धड़ ने आंदोलनकारियों की सुविधा के लिए नए गद्दे भेंट किए, जिसके लिए यूनियन ने उनका आभार व्यक्त किया।
अब 'पक्का मोर्चा': लंगर और बिस्तरों का इंतज़ाम संघर्ष के लंबे खिंचने की संभावना को देखते हुए कर्मचारियों ने अब वहां 'पक्का मोर्चा' लगा दिया है। धरने वाली जगह पर ही रहने और लंगर (सामुदायिक रसोई) का स्थायी प्रबंध कर लिया गया है। नेताओं का साफ़ कहना है कि जब तक मांगें मान नहीं ली जातीं, यह संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।
"सड़क से सरकार तक, अब सिर्फ संघर्ष की गूँज सुनाई देगी। हम अपने हक़ लिए बिना पीछे नहीं हटेंगे।"-यूनियन नेतृत्व