थानेसर (संजीव कुमारी): हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़ महाराष्ट्र की माटी के कण कण में गुरुओं का वास है। इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने गुरुओं के ऐतिहासिक स्थलों, तप स्थलों तथा गुरुद्वारों के दर्शन किए। अहम पहलू यह है कि इन धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ ही 6 दिवसीय मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा ऐतिहासिक एवं यादगार क्षणों के साथ संपन्न हुई। श्रद्घालुओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को श्रवण पुत्र कहकर खूब आशीश दी।
हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा रविवार को तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़ महाराष्ट्र से पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत करने उपरांत बोल रहे थे। इससे पहले पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, जिलाध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पहुंचने पर श्रद्धालुओं का फूल माला व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 5 मई को धार्मिक एवं तीर्थ यात्रा को रवाना किया गया था। इस यात्रा में 9 जिलों के 800 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़ महाराष्ट्र के दर्शन किए। यह यात्रा निर्धारित किए गए शेड्यूल के अनुसार आज कुरुक्षेत्र के रेलवे स्टेशन पर पहुंची है।
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से ही हरियाणा के श्रद्धालुओं को तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड के दर्शन करवाए। उन्होंने कहा कि आज जो ट्रेन सचखंड श्री हजूर साहिब के दर्शन कर कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर पहुंची है। यह दो महान तीर्थ स्थलों के बीच सेतु का काम कर रही है।
यह पावन धरा गुरु साहिबान के पावन चरणों से भी अनेक बार पवित्र हुई है। सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़ वह पवित्र स्थान है, जहां दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ज्योति जोत समाए। वहीं कुरुक्षेत्र को विश्व भर में धर्मक्षेत्र की ख्याति प्राप्त है, जहां भगवान श्रीकृष्ण जी ने मोह ग्रस्त अर्जुन के माध्यम से संसार को गीता का उपदेश देकर जीवन का मार्ग दिखाया। इन दोनों पवित्र स्थलों को जोडऩे वाली यह विशेष ट्रेन भारत की आध्यात्मिक धारा के प्रवाह का प्रतीक बनी है। पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि इस 6 दिवसीय यात्रा में श्रद्घालुओं के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से उच्च स्तरीय खाना, ठहरने की व्यवस्था व चिकित्सक सुविधाओं के साथ-साथ अलग-अलग गुरुद्वारों के दर्शन के लिए विशेष बसों की भी व्यवस्था की गई थी।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी तथा नोडल अधिकारी डा. नरेंद्र सिंह के कहा कि तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़ महाराष्ट्र की यात्रा ऐतिहासिक एवं यादगार रही। इस यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं ने श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज जी के सचखंड व तपोभूमि, सभी गुरुद्वारों के दर्शन करने के साथ साथ पवित्र गोदावरी नदी, बाबा बंदा सिंह बहादुर का ऐतिहासिक स्थल, नगीना घाटी गुरुद्वारा, माता साहिब कौर जी की तपोभूमि को देखा। इन यात्रियों ने पहली गुरुओं के ऐतिहासिक स्थलों को देखने का मौका मिला है। यह मौका मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से मिला है।