जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न ): भविष्य की चुनौतियों और आपातकालीन स्थितियों के प्रति छात्रों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जी.एच.जी अकादमी, जगरांव में एक विशेष अग्निशामक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस सत्र के माध्यम से न केवल छात्रों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया, बल्कि उन्हें संकट के समय 'रक्षक' बनने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
'PASS' तकनीक का मंत्र: प्रशिक्षकों ने छात्रों को आग बुझाने का सबसे सरल और प्रभावी फॉर्मूला 'PASS' सिखाया:
P (Pull): पिन खींचना, A (Aim): आग की जड़ पर निशाना लगाना, S (Squeeze) लीवर को दबाना, S (Sweep): दाएं-बाएं घुमाते हुए बौछार करना।
व्यावहारिक प्रदर्शन: केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर, छात्रों को खुद अग्निशमन उपकरणों को चलाने का मौका दिया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।
वर्गीकरण का ज्ञान: सत्र में बताया गया कि आग की प्रकृति अलग-अलग होती है और किस प्रकार की आग (जैसे बिजली या तेल की आग) पर कौन सा उपकरण प्रभावी होता है।
नेतृत्व का संदेश
स्कूल प्रबंधन के वरिष्ठ सदस्य स. गुरमेल सिंह मल्ही और प्रधानाचार्या श्रीमती रमनजोत कौर ग्रेवाल ने इस आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।
"किताबी शिक्षा के साथ-साथ जीवन रक्षक कौशल (Life Skills) का ज्ञान होना आज के समय की मांग है। हमारा उद्देश्य है कि आपदा के समय हमारे छात्र घबराएं नहीं, बल्कि सूझबूझ के साथ स्थिति को संभालें।" — प्रबंधन, जी.एच.जी अकादमी
निष्कर्ष
छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि वे न केवल सजग नागरिक बन रहे हैं, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अकादमी द्वारा की गई इस पहल की अभिभावकों और स्थानीय निवासियों ने भी सराहना की है।